रोहित रमवापुरी/मेरठ/ मुम्बई

मेरठ। 13 महीनों से जहाज़ पर काम रहे मेरठ के सरधना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा निवासी युवक भूपेंद्र सोम की संदिग्ध परिस्थितियों में जहाज पर मौत हो गई।

भूपेंद्र मर्चेंट नेवी में सीमैन ( नाविक ) के पद पर ग्लोबल टैंकर प्राइवेट लिमिटेड ( RPSL MUM 482 ) के स्वामित्व वाली जहाज़ एमटी सी प्रिंसेस , आईएमओ क्रमांक 8607634 ( MT SEA PRINCESS , IMO 8607634 ) में कार्यरत था। इस जहाज़ का तकनीकी प्रबन्धन दुबई स्थित प्राइम टैंकर्स एलएलसी नामक कंपनी करती है ।

बीते 27 जनवरी को भूपेंद्र की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक भूपेंद्र का शव जहाज के बॉयलर रूम में फंदे से लटका मिला, आत्महत्या का क्या कारण था यह अभी स्पष्ट नही हो सका।

कुछ और भी-Exclusive: मर्चेंट नेवी: समुंद्री डाकुओं का आतंक, इन देशों में खतरनाक है जहाज का जाना, देखिए लाइव वीडियो

जहाज पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। आये दिन कोई न कोई हादसे की खबर आती है जिसमे नाविक को अपनी जान गवानी पड़ती है, नाविकों के नाम पर बने अनेक संगठन कथित रूप से चल रहे हैं, जबकि अधिकांश का नाविकों के परिवार से हमदर्दी कम लेकिन माननीयों के शरणागत अधिक रहते हैं. यह संगठन कुछ दिन विधवा विलाप करेंगे और पीड़ित परिवार के भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके और अन्य नाविकों की भी सहानभूति लेंगे और अपना उल्लु सीधा करेंगे। जैसा की कई हादसों में देखने को मिला है

आपको बता दें कि ,मुंबई में नाविकों के संगठन के रूप में अधिकांश संघ बने हुए हैं। कुछ को छोड़कर बाकी के संगठन और एनजीओ ( NGO ) बस गोरखधंधा , फर्जीवाड़ा , पैसे लेके नौकरी दिलवाने और स्याह सफेदपोशो के क्षत्रछाया में पोषित और संरक्षित हैं तथा इनकी जड़े भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.

कुछ और भी-मर्चेंट नेवी का काला सच : कैडेट की रहस्मय गुमशुदगी, दस दिन से कोई खबर नहीं

इन सबसे अलग डीजी शिपिंग और जहाज रानी मंत्रालय जांच के नाम पर झुनझुना पकड़ा देता है और व्यवस्था में प्रयुक्त नियमों का हवाला देकर अपनी छवि बेदाग रखते हुए ऐसे मामले को गंभीरता से नहीं लेते और नतीजा ढाक के तीन पात साबित होता है। अबतक ऐसी अनेक संदिग्ध मौतें हुई हैं, जिनका कारण स्पष्ट नहीं हो सका।

भूपेंद्र के चाचा बताते हैं कि मेरा भतीजा बहुत बहादुर था वह आत्महत्या जैसी कायराना हरकत कर ही नहीं सकता है। भूपेंद्र के चाचा ने बताया कि उसकी शादी तय हो चुकी थी. फोन पर बात के दौरान भूपेंद्र ने अपने चाचा से बोला था कि जो लड़की की फ़ोटो भेजी है वह बहुत अच्छी है, हमने अपने सर को भी फ़ोटो दिखाई लड़की अच्छी है। बस जल्दी आने वाला हूँ। भूपेंद्र की यह बात आज भी घर वालों के कानों में गूंज रही है। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

कुछ और भी-समुंद्र में हलचल: नाइजीरिया के उग्रवादी संगठनों ने दी धमकी, विदेशी तेल टैंकर दूर रहें !

पांच दिन बीत जाने को है अभी तक शव परिजनों को नहीं मिल सका। माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। जानकारों की मानें तो जिस जगह भूपेंद्र के शव मिलने की बात की जा रही है वहां (बॉयलर रूम) कोईं न कोई नाविक अपनी ड्यूटी के लिए जरूर रहते है। ऎसी जगह कोई कैसे सुसाइड कर सकता है यह बात गले से नहीं उतर रही। भूपेंद्र के चाचा अरुण ने बताया की उन्होंने कई मेल कंपनी वालों को और नाविक संगठनों को किया लेकिन किसी ने भी अभी तक कोई जवाब नहीं दिया।

Mail_Image
भूपेंद्र के परिजनों द्वारा सम्बंधित अधिकारी और नाविक संगठन को भेजे गए मेल

वहीं जहाजरानी मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि जहाज गुजरात स्थित अलंग स्क्रैप यार्ड महज़ एक सप्ताह या इस से भी कम दिनों में आने वाला था । ऐसे में ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी की नाविक ने आत्महत्या कर लिया, मंत्रालय इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि घटनाक्रम के समय जहाज़ ओमान की खाड़ी में था और अलंग की यात्रा पर था ।

कुछ और भी-14 दिन के बाद भी परिजनों को नसीब नहीं हुई अपने बेटे की लाश!

ग्लोबल टैंकर प्राइवेट लिमिटेड ने नही दिया कोई जवाब

संबंधित कंपनी के दुबई स्थित कार्यालय के अधिकारी से जब न्यूज़ टैंक्स के संवाददाता ने उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, यही नहीं जब व्हाट्सप्प (+9715055…09 ) पर उनसे इस मामले पर उनका पक्ष जानने के लिए संदेश भेजा गया उसको देखने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। कंपनी की सीनाजोरी इससे भी बढ़कर यह है कि जब भूपेंद्र के मौत की सूचना आजतक कंपनी ने परिजनों को नहीं दी।

कुछ और भी-आपबीती-1: शिप की जगह मिली काल कोठरी चार महीने रहा कैद

भूपेंद्र के परिजन बताते हैं अभी कंपनी के माध्यम से घटना की सूचना नही दी गई। घटना की सूचना जहाज पर कार्यरत एक नाविक ने दी। वहीं दूसरी ओर सूत्रों के माध्यम से पता चला है कि जहाज़ प्रबंधन कंपनी ने दुबई स्थित खोर फक्कान बंदरगाह प्राधिकरण से जहाज़ को बंदरगाह में आने की और मृत शरीर को भारत भेजने के लिए अनुमति मांगी पर पोर्ट प्राधिकरण द्वारा सीधा मना कर दिया गया । बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा पुलिस और जांच दल जहाज़ पर भेजा गया वो भी जब भारतीय दूतावास ने मामले को गंभीरता से लिया।

अमिताभ कुमार,Directorate General  of Shipping     

 

 

दुबई पुलिस ने जहाज से मृत शरीर को अपने कब्जे में ले लिया हैं और इसके जल्द ही भारत आ जाने की संभावना है। मौत के कारण की जाच हो रही हैं, हम इस प्रकरण  पर  नजर बनायें हुए हैं।

 

 

   

Scroll to Top