न्यूज़ टैंक्स / लखनऊ / नई दिल्ली

रिपोर्ट- रोहित रमवापुरी

नई दिल्ली। मर्चेंट नेवी (Merchant navy) में आये दिन हादसे होते रहते हैं। जिसकी कीमत हमारे नौजवान नाविकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। यह हादसा है या हत्या इसपर कुछ कहपाना जल्दबाजी होगी। लेकिन इन संदिग्ध मौतों पर निदेशालय से लेकर सरकार तक कोई ठोस रणनीति नहीं बना सकी है।

कैडेट धनंजय अरोडा

हाल में ही में दिल्ली के रहने वाले और MT New Horizon  नामक जहाज़ पर नियुक्त नौवहन प्रशिक्षु अधिकारी ( डेक कैडेट ) धनंजय अरोड़ा के मिसिंग की गुत्थी अभी सुलझ नहीं पाई है। खुद को सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी कंपनी का दंभ भरने वाली फ्लीट मैनेजमेंट (Fleet Management) कोई ऐसा ठोस कदम नही उठा पाई है जिससे यह परिवार को न्याय के उम्मीद की किरण दिखाई दे।

किशोर सेन राजवंशी, MD फ्लीट मैनेजमेंट

धनंजय कि कोई खोजखबर नही मिलने से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा धनंजय का 10 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई अतापता नहीं है। आपको बता दें कि मर्चेंट नेवी में फैले भ्रष्टाचार और नवयुवक नाविकों की हो रही संदिग्ध हादसों की मौत पर न्यूज़ टैंक्स लगातार खुलासे कर रहा है। मर्चेंट नेवी में फैले भ्रष्टाचार की परत दर परत हम ऐसे ही खोलते रहेंगे।दिल्ली के नाविक के बदले

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आपको बता दें कि, धनंजय एलिगेंट मरीन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से नौ महीने के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर जुड़े थे। धनंजय घर आने वाले थे लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना ल चलते आ नहीं सके। धनंजय ने अपने परिवार से यह बताया था कि इस जहाज में नया क्रू आया है, साथ ही जो चीफ अफसर है उसकी हरकतें ठीक नहीं हैं।

आरोपी चीफ ऑफिसर

धनंजय ने 13 सितम्बर को दोपहर लगभग 3 बजे अपने दोस्त से स्टाफ अफसर द्वारा परेशान करने की बात बताई, थोड़ी देर बाद लगभग साढ़े चार बजे उसने अपनी बहन रिया जो कि दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा है, उससे चीफ अफसर की शिकायत की और कुछ फोटोज भी भेजे जिसमे आरोपी चीफ अफसर अपने ड्यूटी के दौरान सो रहा था। वहीं शाम पांच बजे के लगभग धनंजय जहाज से रहस्यमय हालात में गायब हो गया। कंपनी के द्वारा इस बात की सूचना 13 सितम्बर को घर वालों को दी गई।

धनंजय के गायब होने की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घर वालों ने संबंधित विभाग और कंपनी से संपर्क किया तो सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। चार दिन तक चले सर्च ऑपरेशन में धनंजय का कोई आता-पता नहीं मिला। उसके बाद कंपनी ने खानापूर्ति करने के बाद सर्च ऑपरेशन बन्द कर दिया।

धनंजय के भाई करुणेश ने न्यूज़ टैंक्स से बात करते हुए बताया कि, धनंजय हॉन्गकॉन्ग के फ्लीट मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी से जुड़ा था। फ्लीट मैनेजमेंट कंपनी ने भारी दबाव के बाद जारी अपने बयान में कहा कि, धनंजय को काफी खोजा गया, लेकिन रिकवर नहीं हो सका। जिसके बाद सर्च ऑपरेशन बन्द कर दिया गया है।

फ्लीट कंपनी अपने जिम्मेदारी के प्रति कितनी सजग है इंसक अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक आरोपी स्टाफ अफसर पर क्या एक्शन लिया गया है किसी को नहीं पता है, सूत्रों के मुताबिक अभी तक उस जहाज के कैप्टन और स्टाफ अफसर को हटाया भी नहीं गया है, यही नहीं अभी जहाज पोर्ट तक पहुचने में समय लगेगा ऐसे में जो भी उत्पीड़न के साक्ष्य होंगे उसको भी मिटाया जा सकता है। कहीं न कहीं कंपनी अपने शाख को बचाये रखने के लिए कठोर कदम उठाने से बच रही है।

परिजनों का कहना है कि, चीफ अफसर की शिकायत जब कैप्टन से की गई तो उसी समय एक्शन क्यों नहीं लिया गया। ऐसे में किसी भी घटना की जिम्मेदारी कैप्टन पर भी बनती है। आपको बता दें कि , फ्लीट मैनेजमेंट का ही नवी मुम्बई स्थित कार्यालय का नाम एलिगेंट मरीन सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड है ।

किसी भी घटना पर हाय तौबा मचाने वाले नाविक संगठन फ्लीट मैनेजमेंट कंपनी के रसूख के चलते मुखर नहीं हो रहे हैं। धनंजय को गायब हुए 10 दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। कंपनी ने सर्च ऑपरेशन की खाना पूर्ति करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।

अमिताभ कुमार, डीजी शिपिंग

मामले की जानकारी है हमे, हमने कंपनी और फ्लैग स्टेट से जानकारी मांगी है। जो रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार एक्शन लिया जाएगा।
अमिताभ कुमार, डीजी शिपिंग

 

 

 

 

क्या होता है फ्लैग स्टेट

हर जहाज उस देश का झंडा अपने पहचान के लिए रखता है।जिस देश से उसका रजिस्ट्रेशन होता है। अगर कोई घटना होती है तो उसी देश के कानून के तहत सजा दिया जाएगा। आपको बता दें की इस जहाज का जहाज़ का फ्लैग स्टेट होंग कोंग है।

हम लोग रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।

अब्दुल गनी
NUSI

कैप्टन प्रशांत रंगनेकर

हम लोग परिवार के सम्पर्क में हैं, रिपोर्ट उन्हें दे रहे हैं। आगे की जानकारी हमारे प्रवक्ता देंगे।

कैप्टन प्रशांत रंगनेकर
CHAIRMAN MASSA GROUP AND DIRECTOR ELEGANT MARINE SERVICS PVT. LTD.

 

 

 

कैप्टन प्रशांत रंगेकर ने अपने प्रवक्ता का नम्बर देने के लिए कहा था। जो कि खबर लिखे जाने तक नहीं प्राप्त हो सका।

सवाल यह है कि इतनी बड़ी कंपनी के जहाज से कैडेट कैसे गायब हो गया यह बड़ा सवाल है। क्या जहाज में लगे सीसीटीवी कैमरे के द्वारा यह देखा गया कि धनंजय कहाँ से मिसिंग हुआ ? क्या आरोपी स्टाफ अफसर जो

की ड्यूटी के दौरान सो रहा था क्या उसपर कोई एक्शन लिया गया, क्या धनंजय को प्रताड़ित किये जाने की घटना पर कोई एक्शन हुआ। ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब कंपनी से मिलना बाकी है।

फ्लीट मैनेजमेंट में काम कर चुके वरिष्ठ कैप्टन अजित वाडकायिल ने क्या इस पुरे मामले पर क्या कहा यह जरूर पढ़ना चाहिए

 

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